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Food Safety Tips By WHO: भोजन को बैक्टीरिया और वायरस फ्री रखने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सुझाए ये 5 मंत्र
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बताया कि कौन-से वायरस और बैक्टीरिया होते हैं सबसे अधिक हानिकारक। साथ ही वे टिप्स भी साझा किए जिनके जरिए आप अपने भोजन को अधिक से अधिक पौष्टिक और सेहतमंद बनाए रख सकते हैं... यहां जानें How to Store Food In Healthy Way...
हम सभी अपने घर में फ्रिज में खाना स्टोर करके रखते हैं। इसमें कच्चा भोजन भी शामिल है और पका हुआ भोजन भी। लेकिन इन दोनों ही तरह के भोजन को स्टोर करते समय यदि अनजाने में कुछ गलतियां कर दी जाएं तो यह भोजन दूषित हो जाता है और हमें पता भी नहीं चल पाता। इस स्थिति से बचने के लिए कोरोना पैंडेमिक (Food During Corona) को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने स्वस्थ भोजन के 5 सूत्र दिए हैं...
WHO ने दिए हेल्दी फूड के मंत्र
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से कोरोना संक्रमण के दौरान हर तरह की जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में इस विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भोजन को सेहतमंद बनाए रखने के लिए 5 खास तरीके सुझाए हैं। इन्हें WHO's Five Keys To Safer Food के नाम से जाना जा रहा है...
WHO के अनुसार फ्रिज में खाना स्टोर करने का तरीका
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की तरफ से एक विडियो के माध्यम यह दुनियाभर के लोगों को यह बताया जा रहा है कि अपने फ्रिज में रखे भोजन को बैक्टीरिया और वायरस से कैसे मुक्त रख सकते हैं। साथ ही यह भी आखिर कौन-से बैक्टीरिया और वायरस सबसे अधिक हानिकारक होते हैं...
तीन तरह के होते हैं माइक्रोऑग्रेनिज़म
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-डब्लूएचओ की तरफ से जारी किए गए इस विडियो में बताया गया है कि हम जिस भोजन को अपने फ्रिज में या घर के अन्य स्थानों पर स्टोर करके रखते हैं, उनमें मुख्य रूप से तीन तरह के माइक्रोऑर्गेनिज़म होते हैं। इनमें बैक्टीरिया, वायरस और फंगस शामिल होते हैं।
-पहले नंबर पर वे माइक्रोऑर्गेनिज़म होते हैं, जो हमारे फूड को टेस्टी और हेल्दी बनाने का काम करते हैं। जैसे दूध से दही जमानेवाले गुड बैक्टीरिया। दूसरी तरह के माइक्रोऑर्गेनिज़म वे होते हैं, जो किसी फूड का स्वाद पूरी तरह खराब कर देते हैं और उस भोजन से स्मेल आने लगती है। जबकि तीसरे तरह के माइक्रोऑर्गेनिज़म वे होते हैं जिनके बारे में स्वाद और गंध से कुछ भी पता नहीं चलता है।
ये माइक्रोऑर्गेनिज़म हैं सबसे खतरनाक
-डब्लूएचओ के अनुसार, तीसरी कैटिगरी के माइक्रोऑर्गेनिज़म हमारी सेहत के लिए सबसे अधिक खतरनाक होते हैं। जबकि दूसरे नंबर के माइक्रोऑर्गेनिज़म के बारे में हमें पता चल जाता है क्योंकि उनकी उपस्थिति के कारण हमारे फूड से स्मेल आने लगती है या हमारे फूड का स्वाद बदल जाता है।
-जबकि तीसरी कैटिगरी के माइक्रोऑर्गेनिज़म की उपस्थिति के बारे में हमें पता नहीं चल पाता और हम वह भोजन बनाकर खा लेते हैं। आमतौर पर ऐसे माइक्रोऑर्गेनिज़म नॉनवेज फूड में अधिक पाए जाते हैं।
क्या होती हैं परेशानियां?
-डब्लूएचओ के अनुसार, तीसरी कैटिगरी के इन माइक्रोऑर्गेनिज़म को पैथोजेनिक माइक्रोऑर्गेनिज़म कहा जाता है। यदि कोई व्यक्ति उस फूड का सेवन कर ले, जिसमें तीसरी कैटिगरी के माइक्रोऑर्गेनिज़म हों तो उस व्यक्ति को पेट दर्द, उल्टियां, लूज मोशन, डायरिया, बुखार जैसी समस्याएं हो जाती हैं। कई बार ऐसा दूषित भोजन इन सब समस्याओं के चलते मृत्यु का कारण भी बन जाता है।
बहुत तेजी से बढ़ती है इनकी संख्या
- पैथोजेनिक माइक्रोऑर्गेनिज़म बहुत तेजी से बढ़ते हैं। ये बहुत तेजी के साथ अपनी कॉपीज तैयार करते हैं और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को अपनी चपेट में लेने लगते हैं। हालांकि ये माइक्रोऑर्गेनिज़म बहुत घातक होते हैं लेकिन इनसे सुरक्षा पाई जा सकती है।
स्वच्छ भोजन के पांच तरीके
-विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से भोजन को साफ, स्वच्छ और इन माइक्रोऑर्गेनिज़म से मुक्त रखने के लिए जो 5 तरीके बताए गए हैं, वे इस प्रकार हैं...
-खाने की किसी भी चीज को हाथ लगाने से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें।
-फ्रिज में खाना रखते समय, कच्चा और पका हुआ भोजन अलग-अलग रखें। ऐसा करने से दोनों तरह के भोजन की लाइफ बढ़ जाती है और उनमें पैथोजेनिक माइक्रोऑर्गेनिज़म आराम से नहीं पनप पाते हैं।
-खाना बनाते समय भोजन को अच्छी तरह पकाएं। कच्चा या अधपका भोजन खाने से बचें।
स्वाद और सेहत से भरपूर रहेगा भोजन
-भोजन को सही टेंप्रेचर पर स्टोर करें। ताकि उनमें बैक्टीरिया ना पनप पाएं। इसके बारे में जानकारी जुटाने के लिए एक्सपर्ट्स से बात करें या फिर फ्रिज के साथ आए मैनुअल को ध्यान से पढ़ें। साथ ही फूड पैकेट पर भी लिखा होता है कि कितने तापमान पर और कितने समय तक उस फूड को स्टोर करना सुरक्षित है। इन बातों का ध्यान रखें।
-खाना बनाते समय स्वच्छ पानी का उपयोग करें। साथ ही जिन मसालों का उपयोग करें, उनकी भी एक्सपायरी चेक कर लें और अच्छी क्वालिटी के मसालों का ही उपयोग करें। इन बातों का ध्यान रखते हुए आप अपने आपको स्वस्थ रख सकते हैं। (इस आर्टिकल में दी गई जानकारी WHO द्वारा जारी विडियो से ली गई है।)
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